(pg4 defence economic) war mobilization of human, natural and economic resources for war... (Russia and Ukraine )
21वीं सदी में राष्ट्रीय संसाधनों को दिशा एवं क्षितिज प्रदान करने में उद्यमियों का विशेष योगदान होता रहा है क्योंकि इतिहास इस बात को मानता है कि विश्व के बहुत सारे देशों में भाग्य का फैसला वहां की राजनेताओं द्वारा किया जाता रहा है लेकिन जब युद्ध की बात आती है तब युद्ध काल में राष्ट्रों का विजय प्राप्त करना राष्ट्र के संसाधनों की लामबंदी मोबिलाइजेशन और सैनिक की क्षमता तथा कमांडरों एवं सेना नायकों की योग्यता पर निर्भर करता रहा है जितने अच्छे संसाधनों के युद्ध में जीतने की क्षमता उतनी अधिक हो जाएगी
विश्व में युद्ध एक कठोर सत्य है और शांति एक सुखद लक्ष्य प्रत्येक युग में राष्ट्रों ने शांति कायम रखने के लिए हमेशा प्रयास किया है लेकिन बिना शक्ति के और संसाधन के शांति व्यवस्था रखना एक असंभव कार्य हो जाता है जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में राष्ट्र अपनी भूमिका का निर्वाह करते रहते हैं इसलिए राष्ट्र के पास सैनिक शक्ति महत्वपूर्ण है
संसाधनों की लामबंदी के लिए देश को शक्ति प्रदान करना पड़ेगा जिस देश में शक्ति रहेगी वहां अपने आप शांति की व्यवस्था हो जाएगी शांति की व्यवस्था के लिए सैनिक क्षमता उच्च कोटि की होनी आवश्यकता होती है यह सब उधमिता business group पर निर्भर होती है क्योंकि उधमिता economic growth आर्थिक शक्ति को मजबूत करती है और आर्थिक शक्ति सैन्य शक्ति को मजबूत करती है
आर्थिक शक्ति ही प्रलय अंकारी संसाधन की व्यवस्था करती है जिस पर कच्चे माल और यूरेनियम जैसे वह करने पड़ते हैं तब जाकर राज्य युद्ध के लिए तैयार होता है
यूनिसेफ की रिपोर्ट से प्राप्त सूचना में क्या पता चलता है कि कोई भी राष्ट्र युद्ध के लिए चाहे जितना सुसज्जित हो जाए संसाधन प्राप्त कर ले लेकिन उस से हानि के रूप में या देखना ही पड़ता है
पहला जिन माता पिता से उनके बच्चे दूर हो जाते हैं
दूसरा जिन बच्चों से उनके माता-पिता दूर हो जाते हैं बच्चे अनाथ कहलाते हैं
तीसरा जो व्यक्ति विकलांग हो गया उसका गुजारा कैसे होगा
चौथा वे लोग जो बेघर हो गए उनको अब सहारा कहां से मिलेगा
पांचवा ऐसे लोग जिनकी यह सारी चीजें छीन गई वह मानसिक रूप से विक्षिप्त हो जाते हैं
आखरी जो सभी देशों के लिए लागू है वह लोग जो भुखमरी झेल रहे हैं उनका गुजारा कैसे होगा
युद्ध में प्रवेश करने से पहले परमाणु की व्यवस्था करना आधुनिक युग में बहुत आवश्यक हो गया है परमाणु को बनाने के लिए कच्चे माल की बहुत आवश्यकता पड़ती है तेल संसाधन की आवश्यकता पड़ती है उच्च क्वालिटी के यूरेनियम की आवश्यकता पड़ती है यूरेनियम के लिए धन संपत्ति की आवश्यकता पड़ती है और अपनी सेना के परिवारों तथा देश के परिवारों की रक्षा के लिए बंकर की आवश्यकता महत्वपूर्ण है
यदि अरब देशों के इतिहास पर देखा जाए तो आपको यह पता चल जाएगा कि शक्ति किस तरह प्राकृतिक संपदा पर महत्वपूर्ण साथ देती है यद्यपि शक्ति की दृष्टि से इसका कोई महत्त्व नहीं लेकिन बहुत सारा तेल संपदा होने के कारण महा शक्तियां इसे पाने के लिए भरपूर कोशिश करती हैं और यदि श्रीलंका के रबड़ को ध्यान में रखकर अन्य राष्ट्रों को उनके साथ अपने संबंध बनाने पड़ते हैं संचार और साधनों के आधुनिकीकरण को भी बल मिलना चाहिए जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है
संसाधनों का उपयोग उत्पादन विधि तथा उपभोग के आधार पर वर्तमान राज्यों को 3 वर्गों में बांटा गया है
पहला कृषक राज्य
दूसरा औद्योगिक राज्य
तीसरा संतुलित अर्थव्यवस्था वाले राज्य
1.कृषक राज्य आर्थिक रूप से दूसरे राज्यों पर आश्रित होने के कारण राजनीतिक रूप से अत्यंत दुर्बल होते हैं ऐसे राज्य अधिकतर लैटिन अमेरिका एशिया तथा अफ्रीका में है
2.औद्योगिक राज्यों की अर्थव्यवस्था विभिन्न संसाधनों के उपयोग पर आधारित होती है आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से ऐसे राज्य विश्व राजनीति बहुत महत्वपूर्ण हैं एवं युद्ध और शांति दोनों कानों में प्रभावी भूमिका निभाते हैं संयुक्त राज्य अमेरिका कनाडा ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड जापान तथा रसिया ऐसे राज्यों के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं
3. संतुलित अर्थव्यवस्था वाले राज्य अपने संक्रमण अवस्था में हैं और अपने आर्थिक विकास हेतु भूमंडलीकरण का सहारा ले रहे हैं जैसे भारत चीन ईरान मेक्सिको और मित्र इत्यादि
युद्ध के लिए राष्ट्रों के सभी संसाधनों की समग्र लामबंदी को अध्ययन के आधार पर निम्नलिखित भागों में बांटा जा सकता है
1. संस्कृति तथा इतिहास culture and history
2. मानव संसाधन human resources
A. राष्ट्रीय चरित्र
B सरकार की योग्यता
C. जनशक्ति अथवा जनसंख्या
D राष्ट्रीय मनोबल
E. नौकरशाही का ढांचा और समझाएं
F. आसूचना या इंटेलिजेंस
G. राजनीतिक और सैनिक नेतृत्व की श्रेष्ठता
3. प्राकृतिक संसाधन natural resources
A. मछली संसाधन
B. जल संसाधन
C. भू संसाधन
D. खनिज संसाधन
E. वन संसाधन
F. नवीकरणीय ऊर्जा
G. वन संसाधन
4. निर्माणकारी उद्योग construction based industry
5. आर्थिक आत्मनिर्भरता economic self reliance

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